Spirituality मैं समझती हूँ की सबसे ज्यादा misunderstood शब्द हे. "आध्यात्मिक व्यक्ति" से जो हमारे दिमाग में छवि आती हे - बहुत ही गंभीर, धार्मिक कर्मकांड करने वाला, इस जिंदगी की जगह परलोक सुधारने वाला व्यक्ति की होती हे. नहीं ऐसा नहीं हे. आध्यात्मिक व्यक्ति वह हे जो स्वयं प्रसन्न रहता हे व साथ वालों को प्रसन्न रखता हे. आध्यात्मिक व्यक्ति दूसरों की जगह अपने को बदलने में विश्वास रखता हे, अपनी परिस्थितियों व आसपास के लोगों से सही ताल मेल बिठाने के लिए.
आध्यात्म कहता हे - अपने को पहचानो. बहुत गहरे अर्थ में न भी जाओ तो भी हमारे जीवन की जो विभिन्न परते हैं - शरीस, सांस, मन, मस्तिष्क, स्मिरिती, अहम् व आत्मा उन सब में अच्छा तालमेल हो. तभी हम प्रसन्न रह सकते हैं. हम सब जानते हैं की मन कुछ कहे, दिमाग कुछ कहे अगर यह द्वन्द चल रहा हो तो हम tension में आ जाते हैं.